Thursday, June 6, 2019

पर्वत के प्रकार

1 वलित पर्वत
2- भ्रंशोत्थ पर्वत
3-ज्वालामुखी पर्वत
4-अवशिष्ट पर्वत

वलित पर्वत

– मोड़दार पर्वत, folded mountain
– पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों द्वारा किसी विस्तृत भूभाग में संपडिनात्मक बल द्वारा (अर्थात दोनों तरफ से) जब भूभाग मुड़ जाता है तो वलित पर्वत तथा मोड़दार पर्वत का निर्माण होता है।
– दुनिया के सभी विशाल एवं ऊंचे पर्वत वलित पर्वत के उदाहरण हैं।
– एंडीज, हिमालय, रॉकी, युराल, आल्पस, एटलस etc

भ्रंशोंत्थ पर्वत (block mountain)

– भ्रंशोत्थ पर्वत का निर्माण खिंचाव के कारण भूमि धसने से भ्रंश घाटी का निर्माण होता है तथा भ्रंश घाटी के दोनों तरफ भ्रंशोत्थ पर्वत का निर्माण होता है।
– भ्रंशोत्थ पर्वत वास्तविक पर्वत नहीं होता बल्कि भ्रंश घाटी से देखने पर यह पर्वत की तरह प्रतीत होता है।
भ्रंशोत्थ पर्वत का दूसरा उदाहरण भारत में है।
भारत में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात में विस्तृत सतपुड़ा पहाड़ी भ्रंशोत्थ पर्वत का उदाहरण है।
– भ्रंशोत्थ पर्वत का तीसरा उदाहरण सियरानीवादा पर्वत, usa के कैलिफोर्निया राज्य में है।
– दुनिया का सबसे बड़ा भ्रंशोत्थ पर्वत सियारानीवादा पर्वत है।

ज्वालामुखी पर्वत

– पृथ्वी के गर्भ से निकला मैग्मा के सतह पर ठंडा होने के परिणाम स्वरुप ज्वालामुखी पर्वत का निर्माण होता है।
अनुकूल परिस्थिति
1- सतह कमजोर हो
2- आस पास पानी हो ताकि भाप के दबाव से ज्वालामुखी विस्फोट हो।
– दुनिया में सर्वाधिक ज्वालामुखी पर्वत एंडीज पर पाए जाते हैं।
कुल 22
जिनमें से सबसे ऊंचा और सक्रिय ज्वालामुखी कोटोपैक्सी (इक्वाडोर) है।
हिमालय पर्वत पर ज्वालामुखी नहीं पाया जाता क्योंकि यह समुद्र से दूर है।

अवशिष्ट पर्वत

– पर्वत करोडो साल बाद हवा, जल, तापमान इत्यादि भौगोलिक दशाओं के कारण घिस घिसकर छोटे हो जाते हैं जिसे अवशिष्ट पर्वत कहा जाता है।
Ex- अरावली पर्वत, पश्चिमी घाट पर्वत, पूर्वी घाट पर्वत

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